Bihar Gov New Portal 2026: अब राशन, दाखिल सभी विभाग ऑनलाइन शिकायत Sahyog Portal Registration 2026

Sahyog Portal Registration 2026:- पिछले हफ्ते मेरे एक रिश्तेदार को बहुत परेशान देखा। उनकी जमीन के कागजात में नाम गलत हो गया था। अंचल कार्यालय के चक्कर लगा-लगाकर थक गए थे। कभी अमीन नहीं मिलता, कभी क्लर्क साहब गए हुए होते। मैंने उन्हें कहा, अबकी बार घर बैठे ऑनलाइन करो।

उन्होंने मेरी तरफ ऐसे देखा जैसे मैं कोई जादू बता रहा हूँ। लेकिन मैंने जब उनके सामने अपना मोबाइल निकाला और बिहार सरकार का Sahyog Portal खोला, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं।

दोस्तों, आज मैं आपको उसी पोर्टल की पूरी कहानी बताने जा रहा हूँ। जी हाँ, वही पोर्टल जिसके बारे में मैंने एक आर्टिकल बनाकर बताया था। और अब उसे यूज करने के बाद मैं कह सकता हूँ – यह गेम चेंजर है, बशर्ते आप सही तरीका जानते हों।

पहले था क्या? (और अब क्या बदल गया)

पहले के दिनों में याद है? किसी भी विभाग की शिकायत हो, तो चक्कर काटना पड़ता था। कोई अधिकारी बात नहीं सुनता, कोई कर्मचारी बहाना बनाकर टाल देता। मुख्यमंत्री जी के पास पहुंचने का तो सवाल ही नहीं उठता था।

लेकिन अब बिहार सरकार ने एक रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लॉन्च किया है। नाम है – Sahyog Portal. और सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार ने दावा किया है कि 30 दिनों के अंदर आपकी शिकायत का निवारण कर दिया जाएगा

अब आप सोच रहे होंगे कि क्या सच में होता है? तो मैं आपको बता दूँ – मैंने खुद इस पर एक टेस्ट के तौर पर शिकायत दर्ज की थी (एक छोटी सी समस्या जो मेरे एक दोस्त की थी, राशन कार्ड से जुड़ी)। 25वें दिन उनके घर कर्मी आकर जांच कर गया। 28वें दिन मैसेज आया – Your complaint has been resolved.

बिल्कुल झूठ नहीं बोल रहा। यह तब हुआ जब मैंने सारी प्रक्रिया सही से फॉलो की।

कैसे करें शिकायत? (मेरा एक्सपीरियंस से बताया हुआ तरीका)

अब मैं आपको बिल्कुल स्टेप बाय स्टेप बताऊंगा। अगर आपको थोड़ा भी मोबाइल चलाना आता है, तो यह आपके लिए आसान है।

सबसे पहले: अपने मोबाइल या कंप्यूटर में कोई भी ब्राउज़र खोलिए। Google में लिखिए Sahyog Portal Bihar या सीधे जाइए  syog.bihar.gov.in मैंने खुद दोनों तरीके आजमाए। हां, एक छोटी सी गलती मैंने पहली बार में कर दी थी syog की जगह sahayog लिख दिया था और पेज नहीं खुला था। ध्यान रहे, S-Y-O-G है।

स्टेप 1: रजिस्ट्रेशन (जरूरी नहीं, लेकिन वेरिफिकेशन जरूरी है)

पोर्टल खुलते ही आपको शिकायत पंजीकरण का ऑप्शन दिखेगा। यहाँ पर सबसे पहले:

  • अपना नाम (जैसा आधार में है, वैसा ही डालें)
  • लिंग (पुरुष/महिला)
  • पिता या पति का नाम
  • मोबाइल नंबर (यह सबसे जरूरी है)
  • फिर Send OTP पर क्लिक करें।

OTP आपके नंबर पर आएगा। डालकर वेरिफाई करें। मैंने एक बार अपना पुराना नंबर डाल दिया था जो स्विच ऑफ था – तो OTP ही नहीं आया। तो नंबर डबल चेक करें।

Email वैकल्पिक है। अगर नहीं है तो छोड़ सकते हैं।

स्टेप 2: पता और जगह की जानकारी

यहाँ पर आपको फुल एड्रेस लिखना है। जिला, प्रखंड, पंचायत, थाना और पिन कोड – सब कुछ।

मेरा सुझाव है – जितना डिटेल देंगे, उतनी जल्दी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचेगी। एक बार मैंने सिर्फ जिला डाला और प्रखंड खाली छोड़ दिया। तो शिकायत वहीं अटक गई क्योंकि उन्हें समझ नहीं आया कि किस ऑफिस को अलॉट करें।

स्टेप 3: विभाग का चुनाव (यहाँ सबसे ज्यादा गलती होती है)

लोग अक्सर गलत विभाग में शिकायत डाल देते हैं और फिर कहते हैं – पोर्टल काम नहीं करता।

देखिए, यहाँ पर विभागों की लिस्ट है। उदाहरण के लिए:

  • जमीन से जुड़ी शिकायत → Revenue & Land Reforms
  • राशन कार्ड / दुकानदार की शिकायत → Food & Consumer Protection
  • स्कूल / कॉलेज से परेशानी → Higher Education
  • स्वास्थ्य सेवा से शिकायत → Health Department

मैंने पहली बार गलती कर दी थी और General में डाल दिया था। 15 दिन तक कुछ नहीं हुआ। फिर दोबारा जाकर सही विभाग में डाला तो काम शुरू हुआ।

स्टेप 4: अपनी समस्या साफ-साफ लिखें

यहाँ आपको Short Description में अपनी समस्या लिखनी है। अगर आपको इंग्लिश में लिखने में परेशानी है, तो हिंदी में भी लिख सकते हैं। पोर्टल हिंदी को भी सपोर्ट करता है।

लेकिन एक बात: जैसे चैटGPT का जमाना है, आप वहाँ अपनी समस्या हिंदी में लिखकर बोल दीजिए – इसको प्रोफेशनल शिकायत में बदलो और फिर कॉपी-पेस्ट कर दीजिए। मैंने यही किया है।

उदाहरण: मान लीजिए आपको दाखिल-ख़ारिज में परेशानी है। लिखें – प्रार्थी का नाम… है। अंचल कार्यालय … में दिनांक … को आवेदन दिया गया। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कृपया निवारण करें।

स्टेप 5: प्रूफ अपलोड करना (भूलकर भी मत छोड़ना)

अगर आपके पास कोई रसीद, पुराना आवेदन, फोटो, या कोई डॉक्यूमेंट है – तो उसे जरूर अपलोड करें। मैंने बिना प्रूफ के एक शिकायत डाली थी, तो उन्होंने वापस कर दी थी और कहा था Evidence नहीं है। PDF, JPG – चलता है। साइज 2-3 MB से ज्यादा न हो तो अच्छा है। फिर कैप्चा भरें और Submit करें।

आपका कंप्लेंट सबमिट होने के बाद क्या होता है? (मैंने देखा है)

जैसे ही आप सबमिट करेंगे, आपको SMS और Email पर एक टोकन नंबर मिलेगा। इसी से आप अपनी शिकायत का स्टेटस ट्रैक कर पाएंगे। पोर्टल कैसे काम करता है – यह समझना भी जरूरी है:

  1. आपकी शिकायत सीधे उस विभाग को चली जाती है।
  2. विभाग उसे देखता है, जांच करता है, और स्टेटस अपडेट करता है।
  3. 30 दिन के अंदर समाधान नहीं हुआ तो केस अपने आप ऊपर (उच्च अधिकारी) के पास चला जाता है।
  4. रियल टाइम मॉनिटरिंग में मुख्यमंत्री कार्यालय भी देख सकता है कि कौन सा विभाग कितनी शिकायतें लंबित रख रहा है।

मैंने एक बार देखा कि शिकायत को 35 दिन हो गए थे, अचानक से डीसी साहब के ऑफिस से फोन आया आपकी शिकायत अपर स्तर पर पहुंच गई है, कल से काम होगा। और हुआ भी।

बिना इंटरनेट वालों के लिए: 1100 नंबर का कमाल

अब जो लोग बुजुर्ग हैं, या जिन्हें ऑनलाइन फॉर्म भरना नहीं आता – उनके लिए भी सरकार ने इंतजाम किया है। नंबर है – 1100 (या कभी-कभी 11100 दिखता है, आप 1100 डायल करें)

यह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक, सप्ताह के सभी दिन काम करता है। यहाँ पर एक ऑपरेटर से बात होती है। आप अपनी परेशानी बोल दीजिए, वह आपका कंप्लेंट पोर्टल पर दर्ज कर देगा।

एक दोस्त ने इस नंबर पर कॉल किया था। उसने बताया – पहले लगता था फोन लगेगा नहीं, लेकिन दूसरी घंटी पर ही किसी ने उठा लिया और पूरी बात शांति से सुनी। बस ध्यान रखें – अपना नाम, पता और शिकायत की डिटेल पहले से तैयार रखें।

बड़ी-बड़ी गलतियाँ जो लोग करते हैं (और आप न करें)

  1. गलत विभाग में शिकायत डालना – यह नंबर वन गलती है। जैसे पुलिस की शिकायत रेवेन्यू में डाल दी।
  2. प्रूफ अपलोड न करना – बिना सबूत के शिकायत कमजोर हो जाती है।
  3. लिखना बहुत कम या बहुत ज्यादा – न तो एक लाइन लिखें, न ही 10 पेज का चिट्ठा। 5-10 लाइन में पूरा मामला साफ होना चाहिए।
  4. गलत मोबाइल नंबर – OTP वेरिफिकेशन में फंस जाएंगे।
  5. 30 दिन के अंदर कोई अपडेट न हो तो घबराना – मैं भी घबरा गया था, लेकिन 28वें दिन काम हुआ। धैर्य रखें।

कितने दिन में होगा काम? (सच्चाई क्या है?)

सरकार ने दावा किया है – 30 दिनों में समाधान। लेकिन मैं अपने अनुभव से बता रहा हूँ – यह इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या कितनी जटिल है।

  • साधारण समस्या (जैसे नाम में सुधार) → 15-20 दिन
  • जमीन विवाद जैसी पेचीदा समस्या → 30-45 दिन (लेकिन तब भी इसे ऊपर पुश कर दिया जाता है)

लेकिन अच्छी बात यह है कि पोर्टल पर रीयल टाइम स्टेटस देख सकते हैं। आपको पता रहेगा कि आपकी फाइल किसके पास है।

और हाँ… यह पूरी तरह से आधिकारिक है, फेक नहीं

कई लोग मुझसे पूछते हैं – भाई, ये कोई फेक तो नहीं? तो मैं कहता हूँ – बिल्कुल नहीं। सरकार के IPID (Information & Public Relations Department) ने भी ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है।

यह बिहार सरकार का रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी का पोस्टर भी इस पोर्टल पर है। यह पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह से सुरक्षित है।

आखिर बात (जैसे अपने किसी अपने को समझा रहा हूँ)

दोस्तों, मैंने यह सब कुछ खुद टेस्ट किया है। हां, शुरू में थोड़ी देर लगती है फॉर्म समझने में। और हां, पहली बार में मैंने भी गलतियां कीं। लेकिन एक बार सही कर लिया तो फिर कमाल है।

हम आम लोगों के लिए यह बहुत बड़ा मौका है – कि बिना चापलूसी, बिना चक्कर काटे, बिना किसी दलाल के, सीधे सरकार से बात कर सकें।

तो अब देर किस बात की? अगर कोई अधिकारी आपकी बात नहीं सुन रहा, कोई कर्मचारी परेशान कर रहा है, राशन कार्ड नहीं बन रहा, जमीन का कागज फंसा है, राशन नहीं मिल रहा, अस्पताल में लापरवाही हो रही है – तो अब उठो, और Sahyog Portal पर अपनी शिकायत दर्ज करो।

यह आर्टिकल बनाने का मेरा उद्देश्य सिर्फ यही है कि आप भी इसका फायदा उठाएं। और हाँ, अगर यह जानकारी लगे तो अपने उन दोस्तों या रिश्तेदारों को भी बताइएगा जो ऑनलाइन कम जानते हैं। हो सकता है उनकी कोई लंबित समस्या 30 दिनों में खत्म हो जाए।

Syog का मतलब ही सहयोग है – सरकार और जनता के बीच का वह सेतु, जो अब डिजिटल हो चुका है।

आपने अगर यह आर्टिकल पूरा पढ़ लिया, तो मैं समझूंगा कि आप सच में बदलाव चाहते हैं। शिकायत जरूर दर्ज करें। और हाँ, अपना अनुभव नीचे कमेंट में जरूर साझा करें ताकि दूसरों को भी मदद मिले। मैं किसी सरकारी अधिकारी की तरफ से नहीं लिख रहा, बल्कि एक आम नागरिक की तरह लिख रहा हूँ जिसने यह सब जीकर देख लिया है।

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